Thursday, August 16, 2012

गिद्धों को देख, जगी 3000 साल पुरानी प्रथा को बचाने की आस

हरियाणा के पिंजौर के जंगलों में एक खास चीज पर काम चल रहा है। जंगल के बीच एक छोटी सी इमारत में सीसीटीवी छवियों के ज़रिए उनकी प्रत्येक हरकत पर नजर रखी जा रही है. जिसकी सभ्यता में कई राज छुपे हैं। यह ऐसा काम है, जो एक प्राचीन दाह संस्कार के भविष्य की सुरक्षा में मददगार साबित हो सकता है।

ये काम है गिद्धों को संख्या को बढ़ाना और उनकी प्रजनन में सहायता करना। हरियाणा फोरेस्ट विभाग और मुंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के साझा प्रयास से गिद्धों का वल्चर कंजरवेशन ब्रीडिंग सेंटर 2001 में खोला गया है। डॉक्टरों की टीम पूरी मेहनत से गिद्धों की जनसंख्या में बढ़ाने में लगी हुई है।

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