Saturday, July 2, 2011

अजूबे से कम नहीं, सोचेगा और चलेगा भी यह 'पैर'


लंदन. हड्डी के कैंसर के कारण अपना पैर गंवा चुके जॉन डेविडसन (19) की जिंदगी दुनिया के पहले मोटर लगे प्रोस्थेटिक पैर ने बदल दी। इसकी मदद से वे एक पैर न होने के बावजूद प्राकृतिक चाल चल सकते हैं।



इतना ही नहीं अब सीढ़ियां चढ़ना उनके लिए कोई कठिन काम नहीं बचा है। बैटरी से चलने वाल उनका पैर इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह सोच सकता है और सीढ़ी चढ़ते समय असली पैर जितनी गति और शक्ति जानकर शरीर को दे सकता है।



क्यों है खास



यह पैर शरीर की गति और चलने या कम करने के लिए जरूरी शक्ति को नाप सकता है। पावर के लिए इसमें लगी है बैटरी, जो चलने में सिर्फ एक ही पैर पर विकलांग को आश्रित नहीं होने देती।



क्या होते हैं प्रोस्थेटिक अंग



ये विकलांगों को मदद करने वाले मानव द्वारा निर्मित अंग होते हैं, जो उन्हें सामान्य जीवन जीने में मदद करते हैं। ये अंग हल्के तत्वों से बनाए जाते हैं ताकि विकलांग लोग इन्हें आसानी से पहन सकें।

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