Friday, April 6, 2012

1831 रुपये में एचसीएल दे रहा है टैबलेट


अगर आप टैबलेट लेने की सोच रहे हैं और एक साथ ज्यादा पैसा लगाने के मूड में नहीं हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। आप सिर्फ 1831 रुपये में अपने घर टैबलेट ले जा सकेंगे।
जी हां, चौंकिए मत एचसीएल का मी टैबलेट अब मात्र 1831 रुपये की मासिक किस्‍त पर उपलब्‍ध है। एचसीएल के ऑनलाइन स्‍टोर में जाकर आप हर महीने 1831 रुपये की किस्‍त अदा कर टैबलेट खरीद सकते हैं। इससे न सिर्फ आप नेट का पूरा मजा ले सकेंगे बल्कि आपका बजट भी बिगड़ेगा नहीं।

अगर एचसीएल के मी टैबलेट की फीचरों पर एक नजर डाले तो इसमें 1 गीगा हर्ट का ए8 कार्टेक्‍स प्रोसेसर लगा हुआ है। कनेक्‍टीविटी के लिए एचडीएमआईपोर्ट, माइक्रोएसडी कार्ड स्‍लॉट के साथ 512 एमबी की डीडीआर2 रैम दी गई है। टैबलेट की कुल कीमत 10,990 रुपए है।


एचसीएल मी में दिए गए फीचरों पर एक नजर
कार्टेक्‍स ए8 1 गीगाहर्ट का प्रोसेसर
512 एमबी की रैम
4 जीबी इनबिल्‍ड फ्लैश मैमोरी
मिनी एचडीएमआईपोर्ट, 1 मिनी बी यूएसबी पोर्ट
माइक्रोएसडी कार्ड स्‍लॉट
7इंच स्‍क्रीन साइज
मल्‍टी टच स्‍क्रीन की सुविधा
वीडियो आउटपुट
1080 पिक्‍सल फुल एचडी सपोर्ट

अगर आप मी टैबलेट के बारे में ज्‍यादा जानकारी चाहते है तो http://www.hclstore.in में जाकर लॉगइन कर सकते हैं।

अगर बैंक में रुका है आपका कोई काम तो.. जरुर पढ़ें ये खबर!


लखनऊ। इस सप्ताह में लगातार तीन दिन के अवकाश को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को शनिवार को आधे दिन के बजाय पूरे दिन काम करने का निर्देश दिया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, चालू सप्ताह के प्रारंभ में वार्षिक लेखा बंदी की वजह से बैंकों में कामकाज नहीं हुआ था। अब 5 और 6 अप्रैल को क्रमश: महावीर जयंती और गुड फ्राइडे का अवकाश होने से बैंकों में कामकाज नहीं होगा। इसलिए शनिवार को बैंक पूरे दिन खुले रहेंगे।


वहीं, भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए शनिवार को शाम पांच बजे तक सभी शाखाएं खुले रखने की घोषणा कर दी है।


आपको बता दें कि आम तौर पर शनिवार को बैंक सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ग्राहकों के लिए खुलता है, लेकिन 7 अप्रैल को यह पूरे दिन खुला रहेगा।

किरण बेदी ने स्वीकारा वो सच, जिससे जनता है अबतक अनजान


भोपाल। वह आकर्षक हैं। उनकी आंखों में एक चमक है। उनकी बातों में एक दहक है। सच, साहस और सादगी की सशक्त प्रतिमूर्ति वह है डॉ. किरण बेदी। वे जब पुलिस में थी तो पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेती थीं, आज भ्रष्टाचार की लड़ाई में राजनेताओं को। इनकी गर्जना देखने योग्य होती है और जब वे मुखातिब होती है जनता से तो उनकी समझाइश दिल की गहराई तक उतरती चली जाती हैं।

उनका एक-एक शब्द दमकता मोती लगता है क्योंकि उन शब्दों में सच्चाई की आभा है। वे जब बोलती है तो उनकी धाराप्रवाह शैली मंत्रमुग्ध कर देती हैं। वे कहीं अटकती नहीं, वे कहीं भटकती नहीं और खटकने का तो सवाल ही नहीं उठता। पेश है भोपाल भास्कर उत्सव में मुख्य वक्ता के रूप में आईं डॉ. किरण बेदी से सिटी भास्कर की खास बातचीत..

नारी की अदम्य शक्ति की प्रतीक डॉ. किरण बेदी सहजता से कहती है मैंने पुलिस सेवा इसलिए जॉइन की थी क्योंकि यह वह सेवा है जो तुरंत न्याय देती है। यहां प्यार और पितृवत धमकी के साथ सुधार और सेवा की जाती है। मैंने इसी नजरिए से पुलिस सेवा को अपनाया था। समय के साथ मैंने पुलिस के बदलते रूप और बदलती भूमिका देखी।

यहां रहते हुए ही यह जाना कि पुलिस में सुधार क्यों नहीं हो रहा? कौन यह सुधार होने नहीं दे रहा? अगर सब कुछ जानते हुए भी मैं चुप रहती तो इसका मतलब है मैं इस ओहदे की गुलाम हूं। मैं इस व्यवस्था की गुलाम हूं। मैंने अपनी चुप्पी को तोड़ना पसंद किया और बाहर आ गई। अब लगा देश में व्याप्त करप्शन के खिलाफ कुछ किया जाए तो अन्ना जी के साथ मुहिम में शामिल हो गई।

पुलिस की जिम्मेदारी आम जनता को नहीं पता

आम आदमी के सामने चुनौती है यह बिलकुल सच है, वह सुधार किससे मांगे और कैसे मांगे? आज हमारे राज्यों में अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुलिस बहुत कम हैं लेकिन कितने लोगों में यह जागरूकता है? हममें से कितने लोग जानते हैं कि थाने की पुलिस का बजट राज्य से तय होता है? थाने के कर्मचारियों की विवशता से कितना परिचय है हमारा? हमारे थाने के जवान कभी भी, कहीं भी, किसी भी जगह तैनात कर दिए जाते हैं, उनकी असली जिम्मेदारियां क्या हैं, क्या आम जनता को पता है?

पुलिस प्रशासन बेफिक्र

पुलिस प्रशासन बेफिक्र है। जब कोई सवाल करने वाला ही नहीं है तो जवाबदेही तो गायब होगी ही। आम जनता राज्य की पुलिस बढ़ाने के लिए मांग नहीं करती। जब मांग नहीं है तो आपूर्ति कोई क्यों करेगा? मांग इसलिए नहीं है कि जानकारी का अभाव है। जनता के मौन में अज्ञानता छुपी है। जनता को अपनी जानकारी बढ़ाकर शहर की पुलिस व्यवस्था को समझना चाहिए। शहर के मीडिया की जिम्मेदारी है कि उस सारी पुलिस व्यवस्था को प्रकाशित करें। जिस तरह हम पानी, सड़क और बिजली के लिए एक होकर सड़क पर आ जाते हैं वैसे सुरक्षा के मुद्दे पर एक आवाज क्यों नहीं बनते?

भास्कर वुमन सेमीनार रहा शानदार

भास्कर वुमन सेमीनार रहा शानदार, मुझे लगा कि जितने लोगों ने मुझे सुना वे सिर्फ मुझे सुनने नहीं आए हैं बल्कि वे मेरे शब्दों से, अनुभव से कुछ बदलाव लाना चाहते हैं, सुधार लाना चाहते हैं। वे जिम्मेदारी निभाने के लिए तत्पर दिखाई दिए। उनमें मैंने शहर को सुधारने की छटपटाहट देखी। वे कॉंट्रिब्यूशन करना चाहते हैं इससे बढ़कर कोई बात नहीं हो सकती।

जब शहर में इतनी चेतना आ जाए तो उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई सिर्फ अन्ना जी या मेरी नहीं है। यह हम सबकी लड़ाई है। साथ मिलकर इसे जीतना होगा। उन्होंने कहा कि जिस नेता को चुनिये उससे खुला मंच मांगिये, ताकि सौ-दो सौ लोगों के बीच उसकी जवाबदेही तय हो सके। आप विधायक चुनने के लिए वोट दे रहे हैं, इसलिए उनसे ही जवाब मांगें।

ईमानदारी और देशभक्ति जरूरी

हम सब मतदाताओं को यह भी संकल्प लेना होगा कि अपराधी और भ्रष्ट लोग जनप्रतिनिधि नहीं चुने जायें। प्रदेश के विकास के लिए ईमानदारी और देशभक्ति जरूरी है। तभी देश खुशहाल होगा। अगले चुनाव के पहले ‘राइट टू रिजेक्ट’ का अन्ना हजारे का फामरूला सबके सामने होगा। हम अक्सर ऐसा नेता चुन लेते हैं जिसे जेल में होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए।

युवा भी पीछे नहीं

यंगस्टर्स को चाहिए कि वे सिर्फ दिखावे और फैशन में अपना समय बर्बाद न करे। फ्यूचर की प्लानिंग के साथ अपना करियर चुने। पहले अपने को सक्षम बनाओं ताकि आगे अपने परिवार और देश के लिए कुछ कर सको।अन्ना के आंदोलन की बहुत बड़ी ताकत युवा शक्ति है। युवा शक्ति ने पिछले आंदोलन में दिखा दिया कि जब देश को युवा शक्ति की जरूरत पड़ी तो वे करप्शन की लड़ाई में भी पीछे नहीं रहे।

खुश हो जाइए..ऐसे में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल के दाम!

पेट्रोल कीमतों में इजाफे के लिए तेल कंपनियों की ओर से बनाए जा रहे दबाव के बीच वित्त मंत्रालय बीच का रास्ता खोजने में लगी हुई है। मंत्रालय पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क कम करने की योजना बना रहा है।

वित्त मंत्रालय की ओर से इसको लेकर तेल कंपनियों को संकेत भी दिये जा चुके हैं। जानकारों के मुताबिक ये सब कदम कंपनियों को हो रहे घाटे के बोझ को कम करने के लिए उठाए जा रहे हैं। 1 रुपये की कटौती से तेल कंपनियों को 8,000 करोड़ रूपए की प्राप्ति हो सकेगी।

दिलचस्प है कि पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क कम करने से सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। इसके बाद कंपनियों की ओर से तेल के दाम बढ़ाने की प्रक्रिया को काफी हद तक टाला जा सकेगा। वहीं इस कदम के बाद पेट्रोल के दाम भी घटने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय तेल मंत्रालय के शुल्क घटाने के प्रस्ताव पर सक्रियता से विचार कर रहा है। सरकार के इस कदम से तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा।

अभी सरकार प्रति लीटर पेट्रोल पर 14.45 रूपए उत्पाद शुल्क लगाती है। वहीं तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमत से कम पर ऑटो फ्यूल बेचकर एक लीटर पर नौ रूपए का घाटा उठा रही हैं।

पिछली बार 2008 में सरकार ने उत्पाद शुल्क घटाया था जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 135 डालर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। तब शुल्क में एक रूपए प्रति लीटर की कटौती की गई थी। हालांकि शुल्क कटौती 2010-11 के आम बजट में वापस ले ली गई थी।

अब सचिन की सिफारिश कर रहे हैं टीम इंडिया के उप-कप्तान

बेंगलुरू. भारतीय क्रिकेट के नए सुपर स्टार विराट कोहली ने कहा कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिलना चाहिए। टीम इंडिया के वनडे उपकप्तान विराट ने कहा, सचिन भारत रत्न के सच्चे हकदार हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भी उनके अंतरराष्ट्रीय शतकों के महाशतक के रिकॉर्ड के आसपास भी पहुंच पाएगा।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के उपकप्तान विराट ने कहा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद वह खुद इस बार काफी रिलैक्स महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं आईपीएल-5 को लेकर उत्साहित हूं। पिछले सत्र में मुझे खुद को साबित करना था क्योंकि आईपीएल तीन में मैं बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया था। इसलिए इस बार मैं सहज महसूस कर रहा हूं।

विराट ने कहा कि इस समय उनका आत्मविश्वास काफी ऊंचा है और वह बेंगलुरू टीम की संभावनाओं के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं मैच दर मैच आगे बढ़ूंगा और उसी हिसाब से तैयारी करुंगा। हमारे पास १६ मैच हैं जो सभी के लिए कड़ी चुनौती है।

Thursday, April 5, 2012

Youngest Police Commisioner


१० साल के अनिकेत को एक दिन के लिए अहमदाबाद का पुलिस कमिश्नर बनाया गया |

१० साल का अनिकेत जो एक गरीब दलित परिवार से आता है और जन्म से ही कई गम्भीर बीमारियो से पीड़ित है . जिससे ये बच्चा स्कूल नही जा सका और पिछले दो साल से लगातार अहमदाबाद के सिविल होस्पिटल मे भर्ती है |

अनिकेत की इच्छा पढकर पुलिस अधिकारी बनने की थी लेकिन बीमारी के कारण वो पढ़ ही नही सका .. एक दिन उसने अस्पताल मे एक संस्था मेक यूर विश को अपनी इच्छा मे बारे मे बताया फिर उस संस्था ने मुख्यमंत्री कार्यालय मे उसकी इच्छा भेजी ..फिर मोदी जी ने तुरंत उसे एक दिन के लिए पुलिस कमिश्नर बनाने का आदेश दिया ..

फिर अनिकेत आज पूरे दिन अहमदाबाद मे पुलिस कमिश्नर बनकर सरकारी गाड़ी मे भ्रमण किया और चार थानों का उसने निरीछण भी किया और कई आदेश भी दिये ..

किसी शायर ने खूब लिखा है कि " घर से मस्जिद बहुत दूर है ..चलो एक रोते हुए बच्चे को हँसाया जाए "

उसके माँ बाप आज उसकी खुशी देखकर भावुक हो रहे थे ..

Food in Focus

WGBH is calling up the foodie photographers in order to produce some fresh angles on appetizing edibles. The competition hosts strongly recommend using fresh ingredients rather than prepared meals. The deadline is 30 November though, so you’d best hurry and don’t leave your photos to spoil.
Top Prize
Winning photo’s appearance on TV stations WGBH 2, WGBH 44 as well as wgbh.org
Pro/Amateur
Open
Difficulty Level
Low: Free entry and there’s plenty of wonderful food types to help you get inspired