Thursday, April 5, 2012

The Most Fun Games of 2011

The video games of 2011 that put smiles on our faces and points on our gamerscores.

What a year! 2011 has unleashed such a deluge of incredible titles across all genres and platforms that my backlog of games to play is a towering stack that looms larger than ever before.
With so many big hitters, it’s hard to know where to start with this mini-series of “end of the year round-up” articles. Over the final few weeks of the year I’ll be analyzing the highs and lows of 2011 for the games industry, its greatest achievements and biggest disappointments.
I’m going to start things off positively, since it was such a great year for gaming. Therefore, what follows is a list of the ten games I had the most fun playing in 2011.
Remember, these aren’t necessarily “the best” games of the year, as there are other titles that are technically more accomplished, engaging, visually impressive, etc. When making this list only one factor concerned me:

Minecraft has hit more than 13 million registered users, many of whom will be eagerly awaiting the major 1.8 Adventure Update

Blocky PC masterwork Minecraft has now collected over 13 million registered users, according to the game’s creator Markus Persson, or ‘Notch’ as he is better known.

UPDATE (09/15/11): Today’s new release of Minecraft 1.8.1 means that the Adventure Update is finally, officially upon us.
UPDATE (09/11/11): The beta version of Minecraft 1.8 Adventure Update was leaked early on Friday but it still contains a lot of bugs. You’ll have to wait just a little bit longer for the final fixed form of the update.
It’s been less than 3 months since Minecraft hit over 10 million players, with another spike in player numbers in large part due to the anticipation of the 1.8 Adevnture update. While the majority of that huge number of people have been happily playing on the free version of the game, more than 3.4 million have paid between 10-15 Euro for the full beta version complete with updates. Notch and Jeb (Jens Bergensten) posted some new screenshots recently showing what the major 1.8 ‘Adventure Update’ will look like, showing the promised NPC villages and moss-covered, abandoned ruins dotting the landscape (see pics).

छात्रा निकली हाईटेक, गूगल की मदद से झोंक रही थी आंखों में धूल

शिमला. पहले पर्चियां फिर फर्जी आंसरशीट। अब एक छात्रा इससे भी ज्यादा हाईटेक निकली। राजकीय कन्या महाविद्यालय में मोबाइल इंटरनेट की मदद से कैमिस्ट्री का पेपर दे रही एक छात्रा देते रंगे हाथ पकड़ी गई। मामला 21 मार्च का बताया जा रहा है।





कॉलेज प्रशासन ने छात्रा की आंसरशीट और मोबाइल कब्जे में लेकर इसे यूनिवर्सिटी प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार 21 मार्च को बीएससी फाइनल ईयर की कैमिस्ट्री विषय की परीक्षा थी। छात्रा ने मोबाइल को साइलेंट मोड पर रख दिया।




जैसे ही परीक्षा शुरू हुई कि छात्रा ने क्लासरूम इंचार्ज की नजरों से बचते हुए मोबाइल इंटरनेट चलाना शुरू कर दिया। क्लासरूम इंचार्ज की नजर इस पर पड़ गई। बाद में इंचार्ज ने छात्रा की आंसरशीट ले ली और इसका मोबाइल भी कब्जे में ले लिया। प्रिंसिपल नरेश महाजन का कहना है कि छात्रा इंटरनेट की मदद से प्रश्नों का उतर लिख रही थी। शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासन तत्परता से काम करेगा।



लाइब्रेरी कार्ड से नकल
आरकेएमवी में बुधवार को फिलॉसफी विषय की परीक्षा दे रही एक छात्रा लाइब्रेरी कार्ड से नकल करते हुए पकड़ी गई। छात्रा अपने विषय के सभी मुख्य प्रश्नों के उतर अपने और अपनी सहेली के लाइब्रेरी कार्ड पर लिखकर आई थी। परीक्षा हॉल में बैठी यह छात्रा शिक्षकों से बचते हुए अपने लाइब्रेरी कार्ड के पिछले पन्नों पर लिखे जवाब को उतारने लगी।


लाइब्रेरी कार्ड पर पहले तो किसी को शक नहीं हुआ लेकिन बाद में एक शिक्षक ने इसकी चालाकी पकड़ ली। शिक्षक ने जब इसका लाइब्रेरी कार्ड चेक किया तो पता चला कि कार्ड के पिछले चार पन्ने उत्तरों से भरे पड़े हैं। वहीं, इसके पास से सहेली का एक लाइब्रेरी कार्ड भी बरामद हुआ।


इस पर भी कुछ उत्तर लिखे गए थे। शिक्षक ने इसकी शिकायत तुरंत केंद्र अधीक्षक और कॉलेज प्रिंसिपल नरेश महाजन को की। बाद में छात्रों से दोनों लाइब्रेरी कार्ड और आंसरशीट ले ली गई। प्रिंसिपल नरेश महाजन का कहना है कि छात्रा लाइब्रेरी कार्ड पर ही उतर लिखकर आई थी। शिक्षकों को नकल रोकने के निर्देश दिए गए हैं और इसी का नतीजा है कि इस बार करीब ६ मामले पकड़े गए।

मोटापे से हैं परेशान तो इस खबर को पढिए!


नई दिल्ली. यदि आप अपने शरीर को सही अनुपात में लाना चाहते हैं और वजन घटाना चाहते हैं तो गर्मियों के दिन इसके लिए एकदम उपयुक्त हैं। गर्मियों की शुरुआत हो गई है और इस मौसम में छरहरा होने के लिए आपको डाइटिंग करने की जरूरत नहीं है। दिल्ली स्थित मैक्स हेल्थकेयर की प्रमुख डाइटीशियन ऋतिका समादार बताती हैं कि इस मौसम में लोगों की खान-पान की आदतें स्वत: ही बदल जाती हैं।

समादार ने कहा, "सर्दियों की तुलना में गर्मियों में वजन कम करना अधिक आसान है क्योंकि इस मौसम में अधिक व्यायाम किया जा सकता है। इस मौसम में शरीर की कार्य प्रणाली धीमी हो जाने की वजह से आप ज्यादा नहीं खाते हैं। साथ ही आप तरल पदार्थ ज्यादा लेते हैं जो शरीर से अशुद्ध पदार्थो को दूर करते हैं।"

वजन कम करने का सबसे आधारभूत तरीका यह है कि आप बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लें। अपने भोजन को सुबह के नाश्ते, दोपहर के भोजन, शाम के नाश्ते व रात्रिभोज में बांटें।

फोर्टिस हेल्थकेयर में चिकित्सकीय पोषण विभाग की प्रमुख निधि एस. यादव बताती हैं, "दिन की शुरुआत हल्के गर्म पानी में शहद मिलाकर पीने के साथ करनी चाहिए। जो लोग चाय पीते हैं, वे एक प्याला चाय के साथ मारी बिस्कुट खा सकते हैं और दो या तीन अखरोट या बादाम ले सकते हैं।"

उन्होंने कहा, "दो घंटे के अंतराल के बाद आप सलाद या फल ले सकते हैं। दोपहर के भोजन में दो विभिन्न अनाजों के आटे से बनी दो चपातियां, एक कटोरी दाल व हरी सब्जियां होना चाहिए। शाम के नाश्ते में एक प्याला चाय और इडली या ढोकला या भुना चना ले सकते हैं।"

उन्होंने बताया, "रात्रिभोज में सब्जियों का सूप, ब्राउन ब्रेड या चपाती और सब्जी लेना चाहिए। यदि सोने के लिए जाने से पहले कोई भूख महसूस करे तो वह एक गिलास दूध ले सकता है।" कैलोरीज को दूर रखने के लिए फल लेना जरूरी है लेकिन केला, आम और अंगूर जैसे फलों से बचना चाहिए क्योंकि उनमें कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। तरबूज और मीठा नींबू लेना ज्यादा बेहतर है। भोजन से 40 मिनट पहले या भोजन के दो घंटे बाद फल खाना चाहिए।

यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो फलों का जूस पीने से बचें। नेशनल डाइबिटीज, ओबेसिटी एंड कोलेस्ट्रॉल फाउंडेशन (एन-डीओसी) की पोषण एवं वसा अम्ल शोध प्रमुख स्वाति भारद्वाज कहती हैं कि वसा की अधिका मात्रा वाला दूध, तला-भुना खाने, शर्करा व मीठे उत्पादों, मैदा व मैदा से बनी चीजों जैसे समोसा, कचौड़ी व भटूरा खाने से बचना चाहिए। भारद्वाज ने कहा कि लाल मांस का भी सेवन नहीं करना चाहिए। साबूत अनाज, पत्तों वाली सब्जियां, साबुत दालें, सलाद, चिकन या मछली को भोजन में शामिल करना चाहिए।

भूख ने किया ऐसा मजबूर, दिल पर पत्थर रख लिया कठोर फैसला


शिमला/सरकाघाट. प्रदेश सरकार ने भी बेटी है अनमोल योजना को घर घर पहुंचाया हो लेकिन फिर भी बेटों के बजाय बेटियां को आज भी लावारिस छोड़ा जा रहा है। ऐसा ही वाक्या उपमंडल सरकाघाट में घटित होने से ममता को शर्मशार किया है।



उपमंडल की चांदी पंचायत के चम्याणु गांव के प्रकाश चंद व पत्नी रेखा ने अपनी 4 मासूम बेटियां सिमरन(16), शांति (6), कांहा(3) व दूधमूही बच्ची प्रिया(7 माह) को भूखे मरने को छोड़ दिया है। वृद्ध दादी मैना देवी(76), बीडीसी सदस्य सलोचना देवी, पंचायत प्रधान प्रेमपाल, महिला मंडल प्रधान सावित्री देवी ने एसडीएम से उन्हें पालने में असमर्थता जाहिर करते हुए बच्चों को अनाथालय भेजने की फरियाद की। दादी का कहना है कि पति की मौत के बाद न ही उसके पास घर है और न खाने के लिए राशन।



कोट

प्रतिनिधिमंडल को सामूहिक शपथ पत्र, ग्राम पंचायत नबाही का प्रस्ताव व तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय से बच्चों का अनाथालय भेजने का फार्म भरे जाने को कहा है। शीघ्र बच्चों को अनाथालय भेजा जा सके। साथ ही बच्चों को लावारिस छोड़ने वाले मां बाप को ढूंढने के भी निर्देश दिए गए हैं। -किशोरी लाल, एसडीएम सरकाघाट।

टच स्क्रीन की ऐसी दीवानगी, आप भी हो जाएंगे हैरान

इंदौर। बटन वाले मोबाइल आउट डेटेड हो गए हैं। इनकी जगह टच स्क्रीन मोबाइल ने ले ली है। मोबाइल स्टोर्स के आंकड़े बताते हैं 70 फीसदी से ज्यादा यूजर टच-स्क्रीन मोबाइल ही खरीद रहे हैं।

शहर के मोबाइल मार्केट में पिछले साल तक रोजाना करीब 200 टच स्क्रीन मोबाइल बिकते थे, जबकि एक साल में यह संख्या 400 से ज्यादा हो गई है। हालांकि टच स्क्रीन सेगमेंट में चायना के मोबाइल्स ने ब्रांडेड कंपनियों को पीछे छोड़ रखा है। हर पखवाड़े चाइना मोबाइल के 20 से ज्यादा मॉडल लॉन्च हो रहे हैं। इंदौर के मार्केट से आसपास के क्षेत्रों में रोजाना दो हजार से भी ज्यादा चायना के टच स्क्रीन मोबाइल जा रहे हैं।

कंपनियों के डीलर्स और शॉप संचालकों का कहना है टेक्नोलॉजी सस्ती होने से तकरीबन सभी कंपनियों ने कम रेंज में टच स्क्रीन मोबाइल लॉन्च किए हैं। दो हजार से 35 हजार तक की रेंज में होने से हर वर्ग इसे खरीदने में सक्षम है।

एमोलैड टेक्नोलॉजी

टच स्क्रीन मोबाइल के पुराने मॉडल में डिस्प्ले ज्यादा सेंसेटिव होने से इसे ऑपरेट करने के लिए स्टिक की जरूरत थीं। एमोलैड टच स्क्रीन टेक्नोलॉजी से फीचर्स ज्यादा सुविधाजनक हो गए हैं। लगातार कई मैसेज टाइप करने के बाद भी अंगुलियों में दर्द नहीं होता। थोक मोबाइल विक्रेता बलराम आडियानी कहते हैं एंड्राइड एप्लिकेशन आने के बाद टच स्क्रीन पर काम करना आसान हो गया है। 100 में से 70 कस्टमर्स का रुझान टच स्क्रीन की तरफ ही है।

40 प्लस हैं दूर

नोकिया के डीलर शैलेष शाह कहते हैं छोटे साइज के मोबाइल का क्रेज बढ़ रहा है। की-पेड न होने से कॉम्पैक्ट साइज के मोबाइल्स में स्क्रीन बड़ा आ रहा है। गेम्स, वीडियो और फोटो देखने में यह ज्यादा उपयोगी होता है। की-पेड की लाइफ लिमिट होने से बार-बार खराब होने की परेशानी बनी रहती है। सेमसंग डीलर अरविंद जैन कहते हैं मैसेज और इंटरनेट चलाने में टच स्क्रीन ज्यादा सुविधाजनक होने से यूथ इसे पसंद कर रहे हैं।

इंदौर। गुरुवार को प्रदेश में सभी बैंक खुले रहेंगे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को विज्ञापन जारी कर कहा था कि गुरुवार (5 अप्रैल) को महावीर जयंती के कारण बैंक बंद रहेंगे लेकिन ऐसा है नहीं। दरअसल पूरे देश में महावीर जयंती की छुट्टी 5 अप्रैल को मनाई जाएगी लेकिन म.प्र. सरकार ने नेगोशिएबल एक्ट के कारण इस छुट्टी को एक दिन पहले यानी 4 अप्रैल को शिफ्ट कर दिया था। इस कारण प्रदेश में एसबीआई सहित सभी बैंकों ने महावीर जयंती की छुट्टी बुधवार को ही मना ली। मुंबई मुख्यालय से विज्ञापन जारी करते वक्त अधिकारियों ने इस बात का ध्यान नहीं रखा जिससे म.प्र. के संदर्भ में यह विज्ञापन गलत हो गया। गुरुवार को बैंक खुले रहने की पुष्टि एसबीआई के रीजनल मैनेजर अजय त्रिपाठी ने भी की है। केंद्रीय कार्यालय आज से चार दिन बंद- केंद्रीय कार्यालय गुरुवार से रविवार तक चार दिनों तक बंद रहेंगे। महावीर जयंती की छुट्टी केंद्रीय कार्यालयों में गुरुवार को ही मनाई जाएगी। शुक्रवार को गुड फ्राइडे के कारण यह दफ्तर बंद रहेंगे। अधिकांश केंद्रीय कार्यालयों में फाइव-डे वीक रहता है इसलिए शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी। हालांकि शनिवार को डाक विभाग और बीएसएनएल का दफ्तर खुला रहेगा। वहीं राजकीय कार्यालय गुरुवार को खुले रहेंगे लेकिन शुक्रवार को बंद रहेंगे।

इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने सहकारिता विभाग के उपायुक्त कार्यालय में पदस्थ वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक राकेशकुमार नाहर (जैन) को एक सहकारी संस्था के अध्यक्ष से 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी ने संस्था के ऑडिट के लिए पांच लाख रुपए मांगे थे। उसे भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर मुचलके पर रिहा कर दिया गया। उसके रिकार्ड की जांच कर कुछ दस्तावेज जब्त किए गए।

70 वर्षीय फरियादी सरदार हरिसिंह पिता तेजासिंह गांधी 1996-97 से एकता गृह निर्माण सहकारी संस्था के अध्यक्ष हैं। बैराठी कॉलोनी में उनकी कोल्ं्रिडक की दुकान व वहीं संस्था का कार्यालय है। संस्था की तेजपुर गड़बड़ी में एक एकड़ से अधिक जमीन है, जो विकास प्राधिकरण में उलझी हुई है। प्राधिकरण ने अपनी योजना में शामिल करने के लिए यह जमीन अधिग्रहित की है। इसके खिलाफ संस्था ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसी को लेकर सवाल उठाते हुए निरीक्षक ने ऑडिट के बदले रिश्वत की मांग की थी।

फरियादी ने लोकायुक्त एसपी वीरेंद्रकुमार सिंह से शिकायत की। योजना के तहत बुधवार शाम 4.05 बजे आरोपी जैसे ही सरदार हरिसिंह की दुकान पर पहुंचा और 50 हजार रुपए लिए, वैसे ही लोकायुक्त दल ने उसे पकड़ लिया। आरोपी वर्ष 09 में शाजापुर से स्थानांतरित होकर आया था और उपायुक्त कार्यालय में शिकायत शाखा का प्रभारी भी था।

फोन आया, रिकार्ड जांचा, रिश्वत मांगी..

सरदार हरिसिंह ने लोकायुक्त अफसरों को अधिकृत बयान में कहा कि निरीक्षक नाहर का गत फरवरी में फोन आया था। 25 मार्च को वह कार्यालय पहुंचा और रौब जमाते हुए ऑडिट के लिए पांच लाख रुपए की मांग की। 26 मार्च को फिर आया और रिकार्ड की जांच की। कुछ निशान लगाए और बेलेंसशीट साथ ले गया किंतु दस्तखत नहीं किए। अध्यक्ष ने आरोपी से दस्तखत करने का कहा तो उसने कहा-इसके पांच लाख रुपए लगेंगे। अध्यक्ष को डराया कि जो जमीन मिली है वह महंगी है और ऑडिट नहीं होगा तो जमीन नहीं मिलेगी।

अध्यक्ष ने कहा कि नौ लाख रुपए में जमीन खरीदी है और पांच लाख रुपए रिश्वत मांग रहे हो। इस पर निरीक्षक ढाई लाख रुपए पर आ गया। फरियादी की बैराठी कॉलोनी स्थित दुकान पर बुधवार शाम चार बजे मुलाकात का समय तय हुआ, जिसमें पहली किश्त के रुप में एक लाख रुपए देना थे। सरदार हरिसिंह ने 50 हजार रुपए दिए तो निरीक्षक ऐतराज करने लगा। इस पर उसे बताया कि अभी इतने रुपए का ही इंतजाम हुआ है।